Showing posts with label #poetry. Show all posts
Showing posts with label #poetry. Show all posts

Tuesday, January 23, 2024

Ved mat sodhi sodhi

वेद मत शोधि शोधि 

शोधि के पुराण सब 

संत और असन्तं के भेद को बताओतो 

कपटी क़ुराही क्रूर कलि के कुचालि जीव

 कौन रामनामहु के चर्चा चलाओतो। 


बेनी कवि कहे मानो मानो हो प्रतीत यह पावन हिये में कौन प्रेम उपजाओतो 

भारी भवसागर उतारते कौन पार  जो पै यह रामायण तुलसी न गावतो। । 

Tuesday, January 9, 2024

Barahmasa - Kis mahine Kya khaye kya na khaye

क्या खाये 

चैते चना वैशाखे तेल जेठे शयन आसाढे खेल 

सावन हर्रे भादो तिल कुवार मास गुड़ सेवे नित 

कार्तिक मूली  अगहन तेल पूस में करो दूध से मेल 

माघ मास  गुड़ खीचड़ खाये  फागुन उठ प्रात नहाये। 


क्या न खाये 

चैते गुड़ वैशाखे तेल। जेठ के पंत अषाढे बेल। 

सावन साग भादो दही। कुवार करेला कार्तिक दही 

अगहन जीरा पूसे  धना। माघे मिश्री फाल्गुन चना 

जो कोई इतने परिहरे। ता घर बैद पद नहीं धरे। 


मास  अंग्रेजी महीना  क्या खाये  क्या नहीं खाये 
चैत्र ( चैत)
मार्च - अप्रैल 
 चना 
 गुड़ 
वैशाख 
अप्रैल - मई 
 बेल 
 तेल 
ज्येष्ठ ( जेठ)
मई- जून 
 अधिक शयन 
 चलना खेलना 
आषाढ़ 
जून - जुलाई 
 खूब खेल , कसरत 
 हरी सब्जियां , बेल 
श्रावण ( सावन)
जुलाई - अगस्त 
 हर्रे 
 साग हरी सब्जियां 
भाद्रपक्ष ( भादो)
अगस्त - सितम्बर 
 तिल 
 दही 
आश्विन ( कुवार) 
सितम्बर - अक्टूबर 
 गुड़ 
 करेला 
कार्तिक 
अक्टूबर - नवंबर 
 मूली 
 दही 
मार्गशीर्ष ( अगहन) 
नवंबर - दिसंबर 
 तेल 
 जीरा 
पौष ( पूस)
दिसंबर - जनवरी 
 दूध 
 धनिया 
माघ 
जनवरी - फरवरी 
 घी खिचड़ी 
 मिश्री 
फाल्गुन ( फागुन)
फरवरी - मार्च 
 सुबह उठ कर नहाये 
 चना 

Sunday, May 17, 2020

Meri Didi

गुनगुनाती चहकती
फूलों से भी सुन्दर मेरी दीदी

गूंजते कानो में आपके हर शब्द
लिस्मानिया डोनावानी (Leishmania donovani) मालूम नहीं क्या है 
पर याद है
हर सुबह शाम आपकी वो आवाज  .. याद है

जनरेटर के बंद होते ही
जहाँ हम दो खुश होते
और आप सोचते
अब कैसे पढूंगी 
अलग थे आप
सब याद आता है
अब सोचता हूँ कब सुनूंगा उस अमीबा को 

गोल नंदन और सुरेश  .. गोली और चपोली
न जाने कितने सारे नाम
सब याद आता है
कभी कभी सोचता हूँ कहाँ है वो ड्राम
जहाँ वो सब छुप गए है
अरे हाँ मेरे स्कूल में है कंही
पर खोज लेंगे अब तो जीपीएस है  ...

और कह के जाता है हर पल ... आप यही तो हो
मेरी हर याद में
मेरी हर बात में
क्योंकि जो भी मैं हूँ सब आप ही से तो सीखा है


Friday, September 14, 2018

Charkhe ki dor

Pirokar us charkhe ki dor ko
Tarasha kiya karte the jis gali ko
Is jaddojahad mein ki hum kahan aur wo kahan
Soone se hai hum aur wo falsapha hai

Nabzon ki sune to khalish si hai kuchh yahan
Aaj unke aankhon mein jo hum aabad hain
Dooriya kah rahi jo us hawa se aaj
Us shaam e khaas ki unki chahakti
 Aawaj hai

Friday, June 10, 2016

LORD KRISHNA STUTI......

Tvamidedeva purusa puranah.. tvamasya vishwasya param nidhanam...
vettasi vedyam cha param cha dhama.. tvaya tatam vishwamanant rupam...

vayuryamogni varuna shashanka .. prajapatistvam prapita mahascha,....
namo namastestu sahasraktitva.. punascha bhuyopi namo namaste...

namah purastadath prishtha taste .. namostu te sarvat ek sarva
anantviryamit vikramastvam sarva samapnosi tatosi sarva !!




तवमदिदेव: पुरुष: पुराण  त्वमस्य विश्वस्य परम निधानं  !
वेत्तासि वेद्यं च परम च धामा त्वया ततम विश्वमनन्त रूपम !!

वायुर्यमग्नि वरुण शशांक। . प्रजपतिस्त्वं प्रापित महश्च  !
नमो नमस्तेस्तु सहस्ता कृत्वम्  पुनश्चा भुयोपि नमो नमस्ते !!

नम : पुरस्तादथ  पृष्ठतस्ते नमोस्तु ते सर्वात एव सर्व
अनन्तवीर्यामित विक्रमस्त्वं सर्व समाप्नोसि ततोषि सर्व !!